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PM Shri Narendra Modi address on India's diversity and said "peace, harmony and unity"
Oct 25,2015

भेये प्माये देशवाससमो, आऩ सफको नभस्कायI फपय एक फाय भन की फात सेआऩ सफके साथ जड़नेका सौबाग्म भझेसभरा हैI आज बायत-दक्ष ण ु ु अफ्रीका के फीच ऩाॉचवा वन-डे भैचभम्फई भेंखेरने जा यहा हैI मे ु सीयीज है जजसका नाभ 'गाॊधी भॊडेरा' सीयीज ददमा गमा हैI अबी तक सीयीज योभाॊचक भोड़ ऩय Iहैदोनों टीभ दो-दो भैच जीत चकी हैंIऔय ु इसीसरमे आखखयी भैच काभहत्व औय ज्मादा फढ़ गमा हैI भेयी सबी खखराडडमों को फहत-फहत शबकाभनाएॊI आज भ ैंआकाशवाणी के कन्नय ु ु ु ू केंद्र के सभत्रों को फधाई देना चाहता हॉI फधाई इससरए देनी है फक जफ ू भनेैं'भन की फात' प्रायॊब कीतो कई रोग उससेजड़तेचरेगएI उसभें ु के यर कीएक 12वीॊ कीछात्रा श्रद्धा थाभफन जड़ी थीॊI कन्नय केंद्र नेफाद ु ू भेंउसको फरामा, औय एक सभायोह आमोजजत फकमा औय कापी कछ ु ु पीडफैक का भाहौर फनाI एक अऩनाऩन का बाव फनाI औय एक 12वीॊ क ा भेंऩढ़नेवारी श्रद्धा की इस जागूकता को कन्नूय के आकाशवाणी केंद्र नेसयाहाI उसको ऩुस्कृत फकमाI कन्नयू आकाशवाणी केंद्र की इस फात सेभझेुही प्रेयणा सभर गमीI औय भ ैंचाहूॉगा फक देशबय भेंऐसे आकाशवाणी केंद्र अगय अऩने-अऩने इराके भेंइस प्रकाय से जागूक औय सफिम रोगों की तयप उनका ध्मान जामेगा तो जन-बागीदायी से देश चराने काहभाया जो भकसद है उसको एक नई ताकत सभरेगीIऔय इससरमेभ ैंकन्नूय आकाशवाणी केंद्र के सबी साथथमों को ह्रदम सेफहुत- फहुत असबनन्दन कयता हूॉ, फधाई देता हूॉI भझेुफपय सेएक फाय आज के यर की फात कयनी Iहैकेयर के कोजचच के थचत्तयू के सटैंभैयी अऩय- प्राइभयी स्कूर की छात्राओॊनेभझेुएक ऩत्र बेजा हैI ऩत्र अनेक ूऩ से ववशेष Iहैएक तो इन फासरकाओॊनेअऩनेअॊगूठे के ननशान सेबायत- भाता का एक थचत्र फनामा है, फहुत फड़ेकऩड़ेऩयI वो बायत-भाता का, बायत के नक़्शेका वो थचत्र भझेबेजा हैI ऩहरेभ ैंहैयान था फक उन्होंनें ु अऩनेअॊगठे के ननशान से बायत का नक्शा क्मों फनामाI रेफकन भनेैं ू जफ उनका ऩत्र ऩढ़ा तो भझेसभझ आमा फक फकतना फदढ़मा ससम्फोसरक ु सन्देश उन्होनेंददमा हैI मेवो फासरकाम ेंहैंजजन्होंनेससपफ प्रधानभॊत्री को जागत कयनेका प्रमास फकमा है, ऐसा नहीॊI हैवो, अऩने ेत्र भेंबी, ृ रोगों को जागूक कयने का प्रमास कय हीय हैंऔय उनका सभशन है 'अॊगदान'I ऑगफनडोनेशन के सरए जनवे-जागूकता असबमान चरा यही हैंIउन्होंने अनेक स्थानों ऩय जा कयके नाट्म भॊचन बी फकमेहैं,ताफक रोगों भेंअॊगदान की सभझ पैरेI अॊगदान एक वनतृ औय प्रवनतृ फनेI इन फासरकाओॊनेभझेुथचठी भेंसरखा है, फक आऩ अऩनेभन की फात भें ऑगफनडोनेशन के ववषम भेंरोगों सेअऩीर कीजजमेI भहायाष्ट्र के ़यीफ 80 वषीम वसॊतयाव सड़केु गूजीुI वो तो हभेशा एक भवभूेंटचरातेयहते हैंIवो कहतेहैंअॊगदान को एक उत्सव फनाना चादहमेIइन ददनों भझेु पोनकॉर ऩय बी काफ़ी सन्देश आतेहैंIददल्री के देवेश ने बी ऐसा ही एक सन्देश भझेु ददमा हैI 'I am very happy with the government initiative on the organ donation and steps towards creating a policy on the same. The country really needs support in these tongues where people need to go out and help each other and the ambitious target of one per million organ donation in a very productive steps taken by the government. मह ववषम कापी भहत्वऩणफूहैऐसा भझेुरगता हैI देश भें प्रनतवषफ ढाई राख से बी अथधक फकडनी, हाटफ औय रीवय डोनेशन की ज़ूयत हैI रेफकन सवा-सौ कयोड़ के देश भेंहभ ससपफ ऩाॉच हज़ाय राॊसप्राॊटको ही सफ़र कय ऩाते हैंIहय सार एक राऽ आॉखों की योशनी की ज़ूयत होती हैI औय हभ ससफ़फ ऩचचीस हज़ाय तकऩहुॉच ऩाते हैंIचाय आॉखों की ज़ूयत हो, हभ ससपफ एक देऩातेहैंIसड़क दघफटनाु भें भत्म होने ऩय शयीय के ऑगफन को डोनेट फकमा जा सकता हैI कछ ृ ु ु ़ाननी उरझनेंबी फहत हैंIयाज्मों को बी इस ददशा भेंभागफदशफन कयने ू ु का प्रमास हआ हैI कछ याज्मों नेकागज़ी कायफवाईको कभ कयके इसभें ु ु गनत राने का कापी अचछा प्रमास फकमा Iहैआज भ ैंकह सकता हॉ, फक ू ऑगफन डोनेशन अॊगदान के ेत्र भेंतसभरनाड अथिभ ऩॊजक्त भेंहैI कई ु साभाजजक सॊस्थाएॉ, कई एन.जी.ओज़ फहत ही अचछा काभ इस ददशा भें ु कय यहेहैंIऑगफनराॊसप्राॊट को फढ़ावा देने के सरए नेशनरऑगफनएॊड दटश राॊसप्राॊट आगेनाईजेशन, नोटो की स्थाऩना की गई हैI एक 24x7 ु हैल्ऩराईन 1800114770मे बी सेवाउऩरब्ध हैI औय हभाये महाॉ तो मह कहा गमा है'तेन त्मक्तेन बजीथा'ॊ त्माग कयने काजो आनॊद होता ु है, उसका फहत उत्तभ वणफन 'तेन त्मक्तेन बजीथा'ॊ इस भॊत्र भेंहैI ु ु वऩछरे ददनों हभ सफने टीवी ऩय देखा था फक ददल्री के जी.फी. ऩन्त हॉजस्ऩटर भेंएक गयीफ ठेरेवारा,हॉकय, उसकी ऩत्नी का रीवय राॊसप्राॊट फकमा गमाIऔय मे रीवय ववशेष इॊतज़ाभ कयके रखनऊ से ददल्री रामा गमा थाI औय वो ऑऩयेशन सफ़र यहाI एक जज़ॊदगी फच गमीI 'अॊगदान भहादान'I 'तेन त्मक्तेन बजीथा'ॊ इस बाव को हभ ु चरयताथफकयेंऔय इस फात को हभ अवश्म फर देंI प्माये देशवाससमो,अबी-अबी हभने नवयात्रत्र औय ववजमदशभी का ऩवफ भनामाI औय कछ ददनों के फाद दीऩावरी का ऩवफबी भनाएॉगेI ईद ु बी भनाई, गणेश-चतथी बी भनाई हैI रेफकन इस फीच, देश एक फड़ा ु उत्सव भनाने जा यहा हैI हभ सबी देशवाससमों को गौयव हो, असबभान होI आनेवारे26 से29 अक्टफय, बायत की याजधानी नई ददल्री भें ू 'इॊडडमा-अफ्रीका पॉयेनसजम्भट' का आमोजन हो यहा हैI बायत की धयती 4 ऩय ऩहरी फाय इतने फड़े स्के र ऩय आमोजन हो यहाI चव्वनहै अफ्रीकी देशों औय मननमनों के रीडसफको आभॊत्रत्रत फकमा गमा हैI अफ्रीका के ू फाहय अफ्रीकन देशों का सफसेफड़ा एक सम्भरेन हो यहा Iहै बायत औय अफ्रीका के सम्फन्ध गहयेहैंIजजतनी जनसॊख्मा बायत की है उतनी ही जनसॊख्मा अफ्रीकन देशों की Iहैऔय दोनों की सभरा देंतो हभ दननमा ु की एक नतहाई जनसॊख्माहैंIऔय कहतेहैंराखों वषफऩहरे, मह एक ही ब-बाग थाI फाद भेंदहॊदभहासागय सेमेदो टकड़ेववबाजजत हएI हभाये ू ु ु फीच फहत साम्मता हैI बायत की जीव-सजष्ट्ट औय अफ्रीका की जीव-सजष्ट्ट ु ृ ृ फहत प्रकाय सेसभरती-जरती हैंIप्राकनतक सॊसाधनों भेंबी हभायी काफ़ी ु ु ृ ननकटता हैI औय बायत के ़यीफ 27 राख रोग, इन देशों भेंफहत ु रम्फे कार से फसे हए हैंIबायत के अफ्रीकन देशों के साथ आथथफक ु सम्फन्ध हैं,साॊस्कनतक सम्फन्ध हैं,याजननमक सम्फन्ध हैं,रेफकन सफसे ृ ज्मादा अफ्रीकन देशों की मवा ऩीढ़ी को प्रसशक्ष त कयनेभेंबायत फहत ु ु फड़ी, अहभ ्बसभका ननबाता हैI ह्मभन रयसोसेज डेवरऩभेंट, कैऩेससटी ू ू त्रफजल्डॊग, 25 हज़ाय से ज्मादाअफ्रीकन स्टडेंट बायत भेंऩढ़े हैंIऔय ू आज अफ्रीका के कई देश के नेता हैं,बायत भेंऩढ़कय गए हैंIतो हभाया फकतना गहया नाता हैI औय उस दृजष्ट्ट से महसजम्भट फड़ा भहत्वऩणफहैI ू आभ तौय ऩय जफ सजम्भट होती है तफ सबन्न-सबन्न देशों केभखखमा ु सभरतेहैंIवैसे ही एकसजम्भट भेंभखखमाओॊकी भीदटॊग होनेवारी हैI ु देखखमे मे यीहभाकोसशश है फक मे जनता का बी सभरन होना चादहमेI औय इस फाय, बायत सयकाय ने, खासकय के एच.आय.डी. सभननस्री ने एक फड़ा ही अचछा कामफिभ फकमाI सी.फी.एस.ई. के जजतने बी अफपसरएटेड स्कर हैं,उनके फचचों के फीच एक 'एस्से कॉजम्ऩटीशन' का ू कामफिभ फकमा गमा, कववतामेंसरखने का कामफिभ फकमा गमा, उनकी बागीदायी फढ़ाने का कामफिभ फकमा गमाI़यीफ 16 सौ स्करों नेउसभें ू बाग सरमाI बायत औय बायत के फाहय के बी स्कर थेI औय हज़ायों- ू हजायों स्करी फचचों ने बायत-अफ्रीका सॊफॊधों को फर देने वारी फातें ू सरखीॊI दसयी तयफ़, भहात्भा गाॉधी की जन्भ बसभ ऩोयफॊदय से'भेभोयीज ू ू ऑप भहात्भा' एक प्रदशफनी, भोफाइर प्रदशफनी ऩोयफॊदय से उत्तयी याज्मों का भ्रभण कयते-कयते29 अक्टफय को ददल्री ऩहॉच यही हैI राखों स्करी ू ु ू फचचों ने इस प्रदशफनी को देखा, -गााॉव रोगों ने देखाIऔय अफ्रीका औय बायत के सॊफॊधों भेंभहात्भा गाॉधी की कैसी भहान बसभका यही थी, ू भहात्भा गाॉधी के व्मजक्तत्व का असय इन दोनों ब-बाग ऩय फकतना यहा ू था, इसको रोगों ने जाना, ऩहचानाI मेजो प्रनतमोथगता हई, उसभेंफहत ु ु उत्तभ प्रकाय की यचनाम ेंआईंI एक यचना की तयफ़ भेया ध्मान जाता है, भझेअचछा रगा, इससरए भ ैंआऩको सनाना चाहता हॉI हभाये छोटे-छोटे ु ु ू स्थान ऩय स्करों के फचचेबी फकतनेहोनहाय हैं,इनकी दृजष्ट्ट फकतनी ू व्माऩक है, औय फकतनी गहयाई सेसोचतेहैं,इसका उसभेंदशफन होता हैI भज़फ्पयनगय, उत्तयप्रदेश, वहाॉसेगरयभा गप्ता नेस्ऩधाफभेंएक कववता ु ु सरखी हैI औय फदढ़मा सरखा है उसनेIउसने सरखा है- अफ्रीका भेंनीर नदी, सागय का नाभ है'रार'। भहाद्वीऩ ववशार है, प्रवासी बायतीम ऽशहार।ु जैसेससन्धुघाटी की सभ्मता, हैबायत की ऩहचान। नीर नदी औय काथेज हैं,अफ्रीकी सभ्मता भेंभहान। गाॉधी जी नेशूु फकमा, अफ्रीका से आन्दोरन। ऐसा चरामा जाद ूसफ ऩय, जीत सरमा सफका भन। जोहान्सफगफहो मा फकॊग्स्टन, जजम्फाब्वेहो मा चाड। सफ अफ्रीकी देशों भें,सभरती हैहभायी आरू-चाट। सरखनेको तो सरख डारॉ,ू ऩॊजक्त कई हज़ाय। अफ्रीका के जॊगरों , सेकयती हूॉभ ैंप्माय। वैसेकववता तो फहत रम्फी है, रेफकन भनेैंकछ ही चीज़ों को आऩको ु ु सनामा हैI वैसे तो मे सजम्भट - अफ्रीकाइॊडो हैI रेफकन जन-जन को जोड़ने ु का कै सा अवसय फनता है, मे साफ़-फ़ हभेंददखाई देता है। भ ैंगरयभा को, इसभेंदहस्सा रेनेवारेसबी फारकों को, 16 सौ सेअथधक स्करों ू को औय एच.आय.डी. सभननस्री को फहत-फहत असबनन्दन कयता हॉ। भनेैं ु ु ू 15 अगस्त को वऩछरी फाय साॊसद आदशफिाभ मोजना के सॊफॊध भेंएक प्रस्ताव यखा थाI उसके फाद फहत साये साॊसद सभत्रों ने इस काभ को ु साकाय फकमाI फड़े भन से रगे I यहेवऩछरे भहीने बोऩार भेंएक कामफशारा हईI जजसभेंजहाॉ मे आदशफ िाभ हो हयहेैं,वहाॉ के प्रधान, वहाॉ ु के करेक्टय, वहाॉ के कछ साॊसद, बायत-सयकाय, याज्म-सयकाय सफने ु सभर कय के आदशफ िाभ मोजनाके ववषम ऩय गहयी चचाफ की। फकस प्रकाय की नई-नई चीज़ेंध्मान भेंआईं औय फड़ी ही उत्साहवधफक ध्मान भेंआईंI कछ चीजेंज़ूय भ ैंआऩके ध्मान भेंराना चाहता हॉ... ु ू झायखण्ड, एक प्रकाय से काफ़ीफड़ा प्रदेश, आददवासी ेत्रI हैदबाफग्म से ु भाओवाद, उिऩॊथ, फभ-फन्दक, रह-रहान धयती झायखण्ड की जफ फात ू ू ु आती है तो मे सायी फात सनाई देती हैंIइन वाभऩॊथी उिवाददमों के ु प्रबाव के तहत वहाॉके कई इराके फफाफद हए हैंI रेफकन वहाॉ के हभाये ु साॊसद, वैसेफहुत फड़ेवरयष्ट्ठ हैं,कबी सॊसद भेंडडप्टी-स्ऩीकय बी यहेहैं, श्रीभान करयमा भडाॊु जी, आददवाससमों के सरए उन्होंने अऩनी जजॊदगी खऩाई हुई हैI उन्होंनेझायखण्ड के कॊतीु जज़रा के ऩयसी िाभ ऩॊचामत को आदशफ िाभ फनानेके सरए चनाIु उिवादी, वाभऩॊथीका याज जहाॉ चरता था वहाॉसयकायी भराजज़भोंु के सरए जाना बी भजश्करु थाI डॉक्टय तक जा नहीॊ ऩाते I थेउन्होंने खुद जाना-आना शुू फकमा, रोगों भें ववश्वास ऩैदा फकमा, सयकायी व्मवस्थाओॊभेंप्राण बयने की कोसशश कीI आथधकारयमों को आने के सरए प्रोत्सादहत फकमा औय एक रम्फे अयसे से उदासीनता का जो भाहौर था, उसभेंकुछ कय गजयनेुकी इचछा ऩैदा कीI आदशफिाभ भेंइन्फ्रास्रक्चय के औय व्मवस्थाओॊ के साथ-साथ मे जन-चेतना जगाने का एक फड़ा ही सपर प्रमास, झायखण्ड के इस ऩयसी गाॉव भेंहआI भ ैंआदयणीम साॊसद श्रीभान करयमा भॊडा जी को फधाई ु ु देता हॉI वैसी ही भझेएक ऽफय सभरी आॊध्र सेIआॊध्र के साॊसद अशोक ू ु गजऩनत याज ू जी आदशफ िाभ की मोजना भेंवो खद खऩ गए औय ु उन्होंने आॊध्र-प्रदेश के ववजमानगयभ जज़रेके द्वायाऩड़ी िाभ ऩॊचामत को ु आदशफ िाभ के सरए चनाI फाकी व्मवस्था तो हो यही है, रेफकन, उन्होंने ु एक फड़ा ववशेष इनोवेदटव काभ फकमाI उन्होंने वहाॉके स्करों भेंजो ू ववद्माथी ऩढ़तेहैंउनको एक काभ ददमा क्मोंफक गाॉव भेंनई ऩीढ़ी तो सश ा के सरए बाग्मशारी फनी हैरेफकन गाॉव की ऩयानी ऩीढ़ी ननय य है ु तो उन्होंने जो फड़ी आम ु के फचचे थे उनको कहा फक अफ हय ददन आऩको अऩने भाॉ-फऩ को इस क्रास भेंऩढ़ाना हैऔय वो स्कर एक ू प्रकाय सेसफह फचचों के सरए सश ा, औय शाभ को फचचों को सश क ु फनाने वारी सश ा तादे हैI औय ़यीफ-़यीफ ऩाॊच सौ ऩचास प्रौढ़ ननय य को इन्हीॊफचचों ने ऩढ़ामा, उनको सा य फकमाI देखखमे, सभाज भेंकोई फजट नहीॊ, कोई सकफरय नहीॊ, कोई ऽास व्मवस्था नहीॊ, रेफकन, इचछा- ु शजक्त सेफकतना फड़ा ऩरयवतफन रामा जा सकता हैवेद्वायाऩड़ी िाभ ु ऩॊचामत से देखने को सभर यहाIवैसेहै ही एक हभाये आदयणीम साॊसद श्रीभान सी. एर. ुवारा, मे सभज़ोयभ के साॊसद नॉथफहै,-ईस्ट... उन्होंने ख्वाराहीरॊग गाॉव को आदशफिाभ के सरए चना औय उन्होंनेएक ववशेष ु काभ फकमाI मेगाॉव, सगयकेन, गन्नेके उत्ऩादन के सरए तथा याज्म भें ु कताफमी गड़ के सरए काफ़ी प्रससद्ध हैI श्रीभान ुवारा जी नेगाॉव भें11 ु ु भाचफको कताफमी कट सगयकेन फ़ेजस्टवर शू फकमाI सबी ेत्र के रोग ु ु ु ु उसभेंएकजट हो गमेI ऩयानेसावफजननक जीवन के रोग बी आमे, वहाॉ ु ु सेननकरेहए सयकायी अथधकायी बी आमेऔय गन्नेके उत्ऩादन की ु त्रफिी फढ़े उसके सरए एक प्रदशफनी बी रगाई गमीIगाॉव को आथथफक गनतववथध का केंद्र कैसेफनामा जा सकता है, गाॉव के ही उत्ऩादन का भाफकफ ट कै से फकमा जा सकताI हैआदशफ गाॉव के -साथथ एक आत्भननबफय गाॉव फनानेका उनका प्रमास सचभच भेंश्रीभान ुवारा जी असबनन्दन के अथधकायी हैंI ु भेये प्माये बाइमो-फहनों, भन की फात हो औय स्वचछता की फात न आमे ऐसा कै से हो सकताI भहैझेभफईॊ सेसववता याम नेएक टेरीफ़ोन ु ु के द्वाया सन्देश बेजा "ददवारीहै की तैमायी के सरए हय सार हभ अऩने घयों को साफ़ कयतेहैंIइस ददवारी को हभ अऩने घयों के साथ- साथ अऩने फाहय के वातावयण को बी स्वचछ फनाम ेंऔय उसेददवारी के फाद बी स्वचछ फनामेयखेंI"उन्होंने सही फात ऩय ध्मान आकवषफत फकमा हैI भ ैंआऩको माद कयाना चाहता हॉ भेये प्माये देशवाससमो, गत वषफ ू ददवारी के त्मोहाय के फाद हभाये देश के ववशेष कयके भीडडमा ने एक फड़ी भदहभ चरामी औय ददवारी के फाद जहाॉ-जहाॉ ऩटाखेऩड़े थे वो सायी ु चीजेंददखाईं औय उन्होंने कहा फक मे ठीक हीॊन हैI एक जागनतृ का असबमान चरा सरमा था सबी भीडडमा वारों नेI औय उसका ऩरयणाभ मे आमा फक ददवारी के तयॊतु फाद एक सफ़ाई का असबमान चर ऩड़ा था, अऩने आऩ चर ऩड़ा थाI तो आऩकी फात सही है फक हभत्मोहाय के ऩहरे जजतनी थचॊता कयते हैंत्मोहाय के फाद बी कयनी चादहमेI हय सावफजननक कामफिभ भेंकयनी चादहएI औय भ ैंआज ववशेष ूऩ से दहन्दस्तानु के साये भीडडमाजगत को असबनन्दन कयना चाहता हूॉI गत 2 अक्टूफय को भहात्भा गाॉधी जी की जन्भ-जमॊती ऩय औय स्वचछ-बायत असबमान के एक सार ऩय भझेु इॊडडमा टुडे िऩु द्वाया 'सफ़ाईथगयी सम्भरेन' भेंशयी़ होने का सौबाग्म सभराI उन्होंने क्रीन इॊडडमा अवार्डफस ददए औय भ ैंबी देख यहा था फकतने प्रकाय की गनतववथध चर यही हैI कै से-कै से रोग इसके सरए अऩने आऩ 'वनको राइक वन सभशन' की तयह काभ कय यहेहैंI हभायेदेश भेंकैसे-कै से स्थानहैंजो इतना स्वचछ यखेगमेहैंIमेसायी फातेंउजागय हईं औय भनेैंउस सभम ु इॊडडमा टी.वी. िऩ के उस सयाहनीम काभ को ह्रदम से फधाई दी थीI वैसे ु जफ सेस्वचछता असबमान का सभशन चरा हैभनेैंदेखा हैफक आॊध्र, तेरॊगाना से-टी.ईवी., ई-नाड औय ऽास कयके श्रीभान याभजी याव उनकी ू ु आम तो फहत हैरेफकन उनका जो उत्साह हैवो फकसी नौजवान सेबी ु ु कभ नहीॊहैI औय उन्होंने स्वचछता को अऩना एक ऩसफनर प्रोिाभ फना ददमा है, सभशन फना ददमा Iहैई-टी.वी. के भाध्मभ से रगाताय वऩछरे एक सार से उस स्वचछता के काभ को प्रभोट कय यहैं,ेउनके अखफायों भेंउसकी ऽफयेंयहती हैंऔय सकायात्भक ऽफयों ऩय ही वो फर देयहेहैं स्वचछता के सॊफॊधभेंIऔय उन्होंने ़यीफ-़यीफ 55-56 हज़ाय स्कूरों के रगबग 51 राख फचचों को आॊध्र औय तेरॊगाना के अन्दय इस काभ भें जोड़ाI सावफजननक स्थर हो, स्टेशन हो, धासभफक स्थान हो, हॉजस्ऩटर हो, ऩाकफ हो, कई जगह ऩय स्वचछता का फड़ा असबमान चरामाI अफ मे ऽफयेंअऩनेआऩ भेंस्वचछ बायत के सऩने को साकाय कयनेकी ताकत के दशफन देतीI एहै.फी.ऩी. न्मज़ ने 'मे बायत देश है ' भेयानाभ से ू प्रोिाभ शू फकमा औय उन्होंनेरोगों भेंसफ़ाई के प्रनत कैसी जागूकता ु आई है इसको हाईराइट कय के देशवाससमों को प्रसशक्ष त कयने का काभ फकमाI एन.डी.टी.वी. ने 'फनेगा स्वचछ इॊडडमा' नाभ सेभदहभ चरामीI ु दैननक जागयण, उन्होंने बी रगाताय इस असबमान को आगे फढ़ामा Iहै ज़ी ऩरयवाय ने इॊडडमाटी.वी. का 'सभशन क्रीन इॊडडमा'I हभाये देश के सैकड़ोंचैनरहैं,हजायों अऽफाय हैंIहय एक ने, भ ैंसफ के नाभ नहीॊरे ऩा यहा हूॉसभम के अबाव से, रेफकन इस असबमान को चरामा है I औय इससरए सववता याम जी आऩनेजो सझावु ददमा हैआज ऩयाू देश इस काभ को अऩना भान यहा है औय उसे आगे फढ़ा यहाI भेघारमहै से, वहाॉ के हभायेाज्मऩार श्रीभान शॊभगनाथन, उन्होंने भझे एक थचटी ु ु सरखी हैऔय थचटी सरख कय के भझेभेघारम के भावल्मन्न्नोंग गाॉव ु का जज़ि फकमा हैI उन्होंने सरखा है फक वऩछरे कई वषों से इस गाॉव ने स्वचछता का एक फीड़ा उठा कयके यखा हुआ हैI औय ़यीफ-़यीफ हय ऩीढ़ी इस स्वचछता के ववषम भेंऩयीू तयह सभवऩफत हैI औय कहतेहैंफक आज सेकुछ वषफऩहरेउनको एसशमा के 'क्रीनेस्ट ववरेज' के ूऩ भें अवाडफ सभरा थाI मेसनु कयके भझेुऽशीु हुई फक हभायेदेश भेंदयू-सुदयू नॉथफ-ईस्ट भें,भेघारम भेंबी कोई गाॉव हैजो सफ़ाई के ेत्र भेंकई वषों सेरगा हआ हैI वहाॉ के नागरयकों का मे स्वबाव फन गमा है, गाॉव का ु मे सॊस्काय फन गमाI हैमही तो है, हभसफ को ववश्वास ऩैदा कयता है फक हभाया देश ज़ूय स्वचछ होगाI देशवाससमों के प्रमत्नों से होगा औय 11 2019 भेंजफ हभ भहात्भा गाॉधी की 150वीॊ जमॊती भनाएॉगे तफ हभ सीना तान कयके गौयव से सवा सौ कयोड़ देशवासी कह ऩाएॉगे, देखखमे हभनेहभायी बायत भाता को गॊदगी सेभक्त कय ददमाI ु भेये प्मायेदशवाससमो, भनेैं15 अगस्त को रार फकरेसेमेकहा था फक कछ फातेंहैंजहाॉ भ्रष्ट्टाचाय घय कय गमा Iहैायीफ व्मजक्त जफ ु छोटी-छोटी नौकयी के सरए जाता है, फकसी की फ़ारयशसस के सरए ऩता नहीॊ क्मा-क्मा उसको कष्ट्ट झेरने ऩड़तेहैंऔय दरारों की टोरी कैसे- कै से उनसे ूऩमे हड़ऩ रेतीIनौकयीहै सभरे तो बी ुऩमे जातेहैं,नौकयी न सभरे तो बी ुऩमे जातेहैंIसायी ऽफयेंहभ सनतेथेI औय उसी भेंसे ु भेये भन भेंएक ववचाय आमा था फक छोटी-छोटी नौकरयमों के सरए इॊटयव्म की क्मा ज़ूयत हैI भनेैंतो कबी सना नहीॊहैफक दननमा भें ू ु ु कोई ऐसा भनोवै ाननक है जो एक सभनट, दो सभनट के इॊटयव्म ू भें फकसी व्मजक्त को ऩयी तयह जाॉच रेता Iहैऔय इसी ववचाय से भनेैं ू घोषणा की थी फक क्मों न हभ मे छोटी ऩामयी की नौकरयमाॉहै, वहाॉ ऩय, इॊटयव्म की ऩयम्ऩया ऽत्भ कयेंI ू भेयेप्मायेमवा सभत्रो, भ ैंआज गवफसेकहना चाहता हॉफक सयकाय ु ू नेसायी प्रफिमा ऩणफकय री औय केंद्र सयकाय के िऩ 'डी', िऩ 'सी' औय ू ु ु िऩ 'फी' के नॉन-गेज़ेटेड ऩदों भेंअफ बती के सरए सा ात्काय नहीॊ होगा, ु इॊटयव्म नहीॊहोगाI 1 जनवयी, 2016 मे राग ू हो जामेगाI अबी जहाॉ ू प्रफिमा चर यही है उसभेंकोई ुकावट हभ नहीॊ कयेंग, रेफकन,1 जनवयी, 2016 से मे राग ू हो जामेगाI तो सबी मवा सभत्रों को भेयी ु शबकाभनाु हैI वैसेही, वऩछरेफज़ट भेंहभनेएक भहत्वऩणफूमोजना घोवषत की थीI हभायेदेश भेंसोना एक प्रकाय सेसाभाजजक जीवन का दहस्सा फन गमा हैI गोल्ड आथथफक सय ा का भाध्मभ भाना गमा हैI सॊकट सभम की ु चाफी गोल्ड भाना गमा हैI अफ मे सभाज-जीवन भेंसददमों सेआ यही ऩयॊऩया Iहैसोनेका प्माय, भ ैंनहीॊभानता हॉउसको कोई कभ कय सकता ू हैI रेफकन, सोने को डेड-भनी के ूऩ भेंऩड़ेयखना मेतो आज के मग ु भेंशोबा नहीॊदेता हैI सोना शजक्त फन सकता हैI सोना आथथफक शजक्त फन सकता हैI सोना देश की आथथफक सॊऩजत्त फन सकता Iहैऔय हय बायतवासी को इसभेंमोगदान देना चादहएI आज भझेुखशीु हैफक फजट भेंजो हभनेवामदा फकमा था, इस दीवारी के त्मोहाय भेंऔय जफफक धनतेयस औय रोग उस ददन खासूऩ सेसोना खयीदतेहैं,तो, उसके ऩवफू ही हभ भहत्वऩणफू मोजनाओॊ को रॉन्च कयने जा यहे हैंI 'गोल्ड भोननटाईजेशन स्कीभ' हभ राए हैंIइसके अॊतगफत आऩ अऩना गोल्ड फकैं भेंजभा कय सकतेहैंऔय फकैं उस ऩय आऩको ब्माज देगी जैसे फक आऩ अऩने ऩैसेजभा कयेंऔय ब्माज सभरता हैI ऩहरेगोल्ड रॉकय भें यखते थे औय कयरॉ का फकयामा हभेंदेना ऩड़ता थाI अफ गोल्ड फकैं भें यखेंगऔय ऩैसा फकैं आऩको ब्माज के ूऩ भेंदेगाI कदहमे देशवाससमो अफ सोना सॊऩजत्त फन सकता है फक नहीॊ फन सकताहै ? सोना डेड-भनी सेएक जीवॊत ताकत के ूऩ भेंऩरयवनतफत हो सकता हैफक नहीॊहो सकता है? फस... मही तो काभ हभेंकयना हैआऩ भेया साथ दीजजमेI अफ घय भेंगोल्ड भत यखखएI उसकी सयु ा औय उसका ब्माज दो-दो पामदेI ज़ूय राब उठाइमेI दसयीू एक फात है सोवयीन गोल्ड फाॊड भें आऩ के हाथ भेंसोनेकी रकड़ी तो नहीॊ आती Iहैएक कागज़ आता है, रेफकन उस कागज़ का भल्मू उतना ही है, जजतना फक सोने का Iहैऔय जजस ददन वो आऩ कााज वाऩस कयोगे, वावऩस कयने के ददन सोने का जजतना भल्म होगा, उतना ही ऩैसा आऩको वावऩस ददमा जामेगाI मानन ू भान रीजजमे आज आऩने1000 ूऩमे के सोने के दाभ के दहसाफ से मे स्वखणफभ फाॊड सरमा औय ऩाॊच सार के फाद फाॊडआऩ वावऩस कयने गए औय उस सभम सोने का दाभ ढाई हज़ाय ूऩमे I हैतो उस कााज के फदरेभेंआऩको ढाई हज़ाय ूऩमेसभरेंगेI तो मे इसका हभ प्रायॊब कय यहेहैंIइसके कायण अफ हभेंसोना खयीदने की ज़ूयत नहीॊ ऩड़ेगीI सोना सॊबारने की ज़ूयत नहीॊ ऩड़ेगीI सोना कहाॉयखेंउसकी थचॊता हट जाएगी, औय कााज को तो चोयी कयने कोई आएगा बी नहीॊI तो भ ैंसुय ा की गायॊटी वारी मे स्कीभ आने वारेहफ़्तेभेंज़ूय देशवाससमों के साभने यखगाIूॉ भझेुमह फतातेहुए खशीु हो यही है फक हभ 'गोल्ड क्वाईन' बी रा यहेहैंI अशोक चि वारा गोल्ड क्वाईनI आज़ादी को कयीफ-कयीफ 70 सार हुए, रेफकन अफ तक हभ पॉयन गोल्ड क्वाईन का ही उऩमोग कयतेयहेहैंमा गोल्ड फसरमनु फासफमेबी ववदेशी उऩमोग कयतेयहेहैंI हभाये देश का स्वदेशी भाकाफक्मों नहीॊहोना चादहए औय इसीसरए आने वारे वारे हफ्ते भेंऔय धनतेयस के ऩवफू जो धनतेयस से साभान्म नागरयकों को उऩरब्ध हो जाएगाI ऩाॊच िाभ औय दस िाभ का अशोक चि वारा बायतीम सोनेका ससक्का शूु फकमा जा यहा हैI इसके साथ ही फीस िाभ का गोल्ड गननमनु बी रोगों के सरए उऩरब्ध होगाI भझेु ववश्वास है फक नई स्कीभ एक आथथफक ववकास की ददशा भेंनमा ऩरयवतफन राएगी औय भझेुआऩका सहमोग सभरेगा I भेये प्माये देशवाससमो31 अक्टूफय को रौह-ऩुष सयदाय वल्रब बाई ऩटेर की जन्भ-जमॊती Iहै"एक बायत श्रेष्ट्ठबायत"I सयदाय वल्रब बाई ऩटेर को मादकयतेही ऩया बायत का भानथचत्र साभने आता Iहै ू बायत की एकता के सरए इस भहाऩुष नेफहत फड़ा मोगदान फकमा हैI ु रौह-ऩुष के ूऩ भेंअऩने साभर्थमफ का ऩरयचम ददरामाI हैसयदाय साहफ को तो हभ श्रद्धाॊजसर देंगही देंग, रेफकन बायत को एक कयने का उनका जो सऩना थाI बौगोसरक ूऩ से उन्होंने कय के ददखामा, रेफकन एकता का भॊत्र मे ननयॊतय हभाये थचॊतन का, व्मवहाय का, असबव्मजक्त, का भाध्मभ होना चादहएI बायत ववववधताओॊसेबया हआ हैI अनेक ऩॊथ, ु अनेक सॊप्रदाम, अनेक फोरी, अनेक जानत, अनेक ,ऩरयवेशफकतनी ववववधताओॊसेबया हआ अऩना बायत देश औय मे ववववधता ही तो ,है ु जजसके कायण हभायी शोबा Iहैमे ववववधता न होती तो शामद जजस शोबा के सरए भह गवफ कयते हैंवो नहीॊ कय ऩातेI औय इससरमे, ववववधता ही एकता का भॊत्र Iहैशाजन्त, सद्भावना, एकता मही तो ववकास की जड़ी-फटी हैंIवऩछरे कई वषों से31 अक्टफय को देश के कई कोने ू ू भें'यन-पॉय-मननटी' के कामफिभ होतेहैंI"एकता की दौड़"I भझेबी ऩहरे ू ु उसभेंशयीक होने का सौबाग्म सभरा Iहैभनेैंसना हैइस फाय बी चायों ु तयप इसकी मोजनाएॉ फन यही हैं,रोग उत्साह से"एकता की दौड़" की तैमायी कय यहेहैंI"एकता की दौड़" ही सचचे अथफभेंववकास की दौड़ हैI दसयेूअथफभेंकहूॉतो ववकास की दौड़ की गायॊटी बी एकता की दौड़ हैI आइमे, सयदाय साहफ को श्रद्धाॊजसर देंI एकता के भॊत्र को आगे फढ़ाएॉI प्माये बाई-फहनों, अफ तो आऩ सफ रोग दीवारी की तैमारयमों भें रगे होंगे, घय भेंसपाई होती होंगीI नई चीज़ेंखयीदी जाती होंगीI दीऩावारी का ऩवफ हभाये देश के हय भकोनेेंअरग-अरग ूऩ से भनामा जाता हैI दीऩावरी के ऩावन ऩवफ के सरए भ ैंआऩको फहुत-फहुत शबकाभनाएॉ देता हॉI रेफकन, दीवारी के ददनों भेंकछ हादसेबी ध्मान ु ू ु भेंआतेहैंIऩटाखेपोड़ने के यणका मा दीऩ के कायण आगजनी होती है। ऩटाखों के कायण फचचों को फहुत नकसानु हो जाता है।भ ैंहय भाॉ-फाऩ से कहूॉगा फक दीऩावरी का आनॊद तो भनाएॉरेफकन ऐसा कोई अकस्भात ्न हो जामे, हभाये ऩरयवायकी सॊतान का कोई नकसानु न हो जामेI आऩ ज़ूय इसकी बी थचॊता कयेंगे औय सपाई तो कयनी ही कयनीहै। भेये प्माये देशवाससमो,दीऩावरी के दसयेूददन भझेु त्रिटेन की मात्रा ऩय जाना है।भ ैंइस फाय त्रिटेन की भेयी मात्रा के सरए फहुत योभाॊथचत हूॉI औय उसका एक ववशेष कायण है।कुछ सप्ताह ऩवफूभ ैंभफईॊु भेंफाफा साहेफ अम्फेडकय के'चैत्म-बसभ'ू के ऩास एक बव्म स्भायक का सशरान्मास कयनेगमा था औय अफ भ ैंरॊदन भें,जहाॉ डॉ. फाफा साहेफ अम्फेडकय यहते थे वो घय अफ बायत की सॊऩजत्त फन है,गमासवा-सौ कयोड़ देशवाससमों का प्रेयणा स्थान नफ गमा है,उसको ववथधवत ूऩ से उदघाटन कयने के सरएजा यहा हूॉ। दसरत हो, ऩीडड़त हो, शोवषत हो, वॊथचत हो, वऩछड़ेहो, कदठनाइमों सेजजॊदगी गजायाु कयनेवारेफकसी बी बायतीम के सरए फाफा साहेफ अम्फेडकय का मे बवन इस फात की प्रेयणा देता है फक अगयइचछा-शजक्त प्रफर हो तो सॊकटों कोऩाय कयके बी अऩने जीवन को आगे फढ़ामा जा सकता है, सश ाप्राप्त की जा सकती है औय मही जगह है, जजस जगहऩय फैठ के फाफा साहेफ अम्फेडकय ने तऩस्मा की थी। बायत सयकाय बी औय याज्म सयकायेंबी सभाज के इस प्रकाय के वगों को दसरत हो, आददवासी हो, वऩछड़े हो, ऐसे होनहाय फचचों को स्कारयसशऩ देती हैजो ववदेश ऩढ़नेजातेहैं।बायत सयकाय बी होनहाय दसरत मवक-मवनतमों को प्रोत्साहन देती है। भझेववश्वास है ु ु ु फक जफ त्रिटेन भेंबायत के ऐसे हभाये फारक ऩढ़ने जाएॉगे तो फाफा साहेफ अम्फेडकय का मे स्थान उनके सरए तीथफ ेत्र फन जाएगा, प्रेयणा बसभ फन जाएगा औय जीवन भेंकछ सीखना रेफकन फाद भेंदेश के ू ु सरए जीना, मही सन्देश तो फाफा साहेफ अम्फेडकय ने ददमा, जी कय के ददमाI औय इसीसरए भ ैंकह यहा हूॉफक भेयी त्रिटेन की मात्रा भें,भ ैंववशेष योभाॊथचत हॉ, कई वषों सेववषम उरझा ऩड़ा था औय अफ वो बवन सवा- ू सौ कयोड़ देशवाससमों की सॊऩजत्त फनता हो, फाफा साहेफ अम्फेडकय का नाभ जड़ा हो तो भेयेजैसेरोगों को फकतना आनॊद होगा, इसका आऩ ु अॊदाज रगा सकतेहैंIभझेरॊदन भेंएक औय अवसय बी सभरने वारा ु है, बगवान ववश्वेश्वय की प्रनतभा का अनावयणI अनेक वषों ऩहरे बगवान ववश्वेश्वयनेरोकतॊत्र के सरए, एम्ऩावयभेंटऑप वभनू के सरए जो काभ फकमेथेवो दननमाु का एक सचभचु भेंअध्ममन कयने वारा ऩहरूहै। रॊदन की धयती ऩय बगवानववश्वेश्वयकी प्रनतभा का रोकाऩफण मे अऩने आऩ भेंसददमों ऩहरे बायत के भहाऩुष कैसा सोचते थे फकतना रम्फा सोचते थे उसका एक उत्तभ उदहायण है।तो आऩ जानते हैंफक जफ ऐसी घटनाएॉ जुड़ी हों तो हभ सबी देशवाससमों का भन योभाॊथचत हो उठता है। भेये प्माये देशवाससमों"भन की फात" के साथआऩ जड़ेुयहतेहैं। टेरीपोन के द्वाया, भाई गोव.इन के द्वायाआऩके सझावु भझेुसभरते यहतेहैं।आऩके ऩत्रों की फात भेंआकाशवाणी ऩय चचाफ बी होती है। सयकायी अथधकारयमों को फराकयु के चचाफ होती है। कुछ रोग अऩनी सभस्माएॉ सरखतेहैं,सभस्माओॊ का सभाधान कयने का बी प्रमास होता है। बायत जैसे देश भेंहभेंअनेक बाषाओॊ को सीखना चादहमेI कुछ बाषाएॊ तो भझेु सीखने का सौबाग्म सभरा है रेफकन फपय बी इतनी बाषाएॊहैंफक भ ैंकहाॊ सीख ऩामा? नहीॊI रेफकन फपय बी भ ैंआकाशवाणी का आबायी हूॉफक इस "भन की फात" को यात को 8 फजे हयेक याज्म की प्रादेसशकबाषा भेंवो प्रसारयत कयतेहैंIबरे ही वो आवाज़ फकसी औय की हो, रेफकन फात तो भेये भन की होतीI आऩकीहै बाषा भेंआऩ तक ऩहुॉचनेका बी यात को 8 फजेज़ूय प्रमास कूॉगाI तो एक अचछा हभ रोगों का नाता जड़ु गमा हैI वऩछरेसभम भ ैंएक वषफऩणफूकय यहा था आज हभ नए वषफभेंप्रवेश कय यहेहैंIभेये प्माये देशवाससमोंकोएक फाय फपय फहुत-फहुत शबकाभनाएॉIु जम दहॊदI